वैशाली की मेधा का वैश्विक मंच पर बजा डंका, डॉ. मेघा रानी ने 120 मिनट में 120 पन्ने लिखकर रचा नया कीर्तिमान

वैशाली जिले के भगवानपुर स्थित सहथा गांव की बेटी डॉ. मेघा रानी ने अपनी अनोखी लेखन क्षमता के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार और झारखंड का नाम रोशन किया है। उन्होंने बिना किसी विराम के दो घंटे के भीतर 120 मौलिक पृष्ठों का हस्तलेखन कर दुनिया की सबसे तेज लिखने वाली महिला बनने का गौरव हासिल किया है।
रांची में अर्जित की गई इस अभूतपूर्व उपलब्धि से दोनों पड़ोसी राज्यों में खुशी की लहर दौड़ गई है। हालांकि डॉ. मेघा रानी का बचपन, शिक्षा-दीक्षा और कार्यक्षेत्र रांची रहा है, लेकिन उनका पैतृक रिश्ता वैशाली की माटी से जुड़ा हुआ है। इस दोहरे जुड़ाव के कारण उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर बिहार और झारखंड दोनों ही गर्व महसूस कर रहे हैं।
उनकी इस असाधारण प्रतिभा को देखते हुए झारखंड के राज्यपाल ने राजभवन में एक विशेष समारोह का आयोजन कर उन्हें सम्मानित किया। डॉ. मेघा रानी की यह पहली सफलता नहीं है, बल्कि इससे पहले भी साहित्य और समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को काफी सराहा गया है। उन्हें बिहार में आइकॉन ऑफ बिहार सम्मान 2025, मगध गौरव सम्मान और अटल युवा सम्मान जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें हाल ही में झारखंड श्री सम्मान 2026 से भी अलंकृत किया गया है।
रांची में इस वैश्विक उपलब्धि की घोषणा के बाद अब वैशाली के सहथा गांव सहित पूरे बिहार में उत्सव का माहौल है। स्थानीय बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उनकी इस सफलता को युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताते हुए अपनी शुभकामनाएं दी हैं।
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