वाल्मीकि नगर में वन विभाग का बड़ा एक्शन, पेड़ काटते दो तस्कर गिरफ्तार, सखुआ की कीमती लकड़ियां बरामद

वाल्मीकि नगर। बिहार के प्रसिद्ध जटाशंकर वन क्षेत्र में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले वन तस्करों के खिलाफ वन विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग की विशेष टीम ने जंगलों में छापेमारी कर अवैध रूप से पेड़ों की कटाई कर रहे दो आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया है। मौके से कीमती सखुआ (शाल) के पेड़ की तीन बड़ी गुल्लियां भी बरामद की गई हैं। वन विभाग ने जब्त लकड़ी को कब्जे में लेकर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र के टीना शेड कॉलोनी निवासी मोचन राम (पिता स्वर्गीय सुदर्शन राम) और हॉस्पिटल कॉलोनी निवासी प्रदीप कुमार (पिता नारायण राउत) के रूप में हुई है। इन दोनों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
खुफिया इनपुट के बाद हुई त्वरित कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि जटाशंकर वन क्षेत्र के घने जंगलों में कुछ लोग लकड़ी काटने के इरादे से छिपे हुए हैं। सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए वाल्मीकिनगर के रेंजर सत्यम कुमार ने तुरंत एक स्पेशल टीम तैयार करने का निर्देश दिया। वनपाल आशीष कुमार के नेतृत्व में बनी इस टीम ने बिना वक्त गंवाए जंगल में घेराबंदी कर छापेमारी की और दोनों तस्करों को लकड़ी काटते हुए मौके से ही दबोच लिया।
गहरे नेटवर्क की तलाश में जुटी जांच टीमें
वन विभाग अब इस मामले के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगालने में जुट गया है। अधिकारियों का मानना है कि यह महज़ एक साधारण चोरी नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इन कीमती लकड़ियों की डिलीवरी कहां होनी थी और इस धंधे में मोटी रकम लगाने वाले मुख्य मास्टरमाइंड कौन हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि जांच में जो भी नाम सामने आएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वन संपदा की सुरक्षा के लिए विभाग सख्त
मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए रेंजर सत्यम कुमार ने कहा कि पर्यावरण और वन संपदा के साथ खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। लकड़ी तस्करी और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों पर लगाम कसने के लिए जंगलों में गश्त बढ़ा दी गई है। विशेष निगरानी अभियान के जरिए संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील
जटाशंकर का यह वन क्षेत्र जैव विविधता और दुर्लभ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां पेड़ों की अवैध कटाई से न सिर्फ हरियाली खत्म होती है, बल्कि पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ता है। वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों से अपील की है कि वे जंगलों की सुरक्षा में भागीदार बनें। अगर कहीं भी पेड़ काटने या तस्करी की भनक लगे, तो तुरंत इसकी जानकारी नजदीकी वन चौकी को दें ताकि समय रहते दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।
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