बगहा के नदी थाना में आफत बना जलभराव, परिसर में रेंग रहे जहरीले सांप, जमीन मिलने के बाद भी अटका नए भवन का काम

पश्चिम चंपारण के बगहा पुलिस जिला अंतर्गत संचालित नदी थाना इन दिनों भारी प्रशासनिक उपेक्षा और प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा है। मानसूनी बारिश और बाढ़ की दस्तक के साथ ही पूरा थाना परिसर टापू में तब्दील हो जाता है। पुराने और जर्जर हो चुके भवन में चल रहे इस थाने में पुलिसकर्मियों का टिकना मुश्किल हो चुका है, वहीं अपनी फरियाद लेकर पहुंचने वाले आम नागरिकों को भी घुटने भर पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-727 से लगभग पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह थाना मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा है। बारिश के मौसम में परिसर में जलजमाव होने के कारण न तो गश्ती गाड़ियां सही समय पर निकल पा रही हैं और न ही आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है। जलभराव के चलते पुलिस कार्यालय के भीतर तक पानी घुसने की नौबत आ जाती है, जिससे सरकारी दस्तावेजों और असलहों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विषाक्त जीवों का मंडराता खतरा
जलजमाव से उपजी परेशानियों के बीच एक और जानलेवा संकट ने पुलिसकर्मियों की नींद उड़ा दी है। पानी भरने के कारण थाना परिसर और आसपास की झाड़ियों से निकलकर जहरीले सांप सीधी बैरकों और कार्यालय के कमरों में पहुंच रहे हैं। हर पल सांपों के डसने का भय बना रहता है। ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मी कानून व्यवस्था संभालने के साथ-साथ इन जहरीले जीवों से भी अपनी जान बचाने को मजबूर हैं। फरियादियों में भी इस बात को लेकर भारी डर देखा जा रहा है।
प्रस्ताव अधर में: जमीन मिलने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं
हैरानी की बात यह है कि इस समस्या का समाधान कागजों पर पहले ही तलाशा जा चुका है। नदी थाने को NH-727 के पास स्थानांतरित करने के लिए उपयुक्त भूमि का चयन बहुत पहले कर लिया गया था। मुख्य सड़क के करीब नया भवन बनने से न केवल जलभराव से मुक्ति मिलती, बल्कि पुलिस की पहुंच भी पूरे इलाके में अधिक तेज और प्रभावी हो जाती। इसके बावजूद, प्रशासनिक सुस्ती के कारण नए थाना भवन का निर्माण कार्य आज तक शुरू नहीं हो सका है।
गंडक के दियारा क्षेत्र में बढ़ता जोखिम
गंडक नदी के पास होने के कारण इस इलाके में बाढ़ का खतरा हमेशा बना रहता है। संकट के समय जब पुलिस को आम जनता की सुरक्षा और राहत कार्य की कमान संभालनी चाहिए, तब वह खुद अपनी सुरक्षा को लेकर लाचार दिखती है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि प्रक्रिया में तेजी लाते हुए चिन्हित भूमि पर नए थाना भवन का निर्माण तत्काल शुरू कराया जाए ताकि पुलिस और जनता दोनों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके।




