चुनाव आयोग उपचुनाव 2026: तारीखों का हुआ ऐलान, जानिए पूरी डिटेल्स

चुनाव आयोग उपचुनाव 2026 की घोषणा होने के बाद से देश के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी काफी बढ़ गई है। भारतीय निर्वाचन आयोग ने देश के अलग-अलग राज्यों में खाली पड़ी महत्वपूर्ण विधानसभा और लोकसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों का पूरा और विस्तृत कार्यक्रम आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। चूंकि लोकतंत्र में हर एक सीट और हर एक वोट का बहुत बड़ा महत्व होता है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों ने इन चुनावों के लिए अपनी तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं।
मुख्य निर्वाचन आयोग द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस बार कुल चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रिक्त सीटों पर चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसमें पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी की कुल 5 विधानसभा सीटें शामिल हैं, जो विभिन्न कारणों से खाली हुई थीं। इसके अलावा, पूर्वोत्तर राज्य असम की एक बेहद महत्वपूर्ण नगांव लोकसभा सीट पर भी सांसद का पद रिक्त होने के कारण नए प्रतिनिधि को चुनने के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है।
मतदान, तारीखों और नामांकन का पूरा शेड्यूल
प्रशासनिक और चुनावी तैयारियों को ध्यान में रखते हुए आयोग ने तारीखों का स्पष्ट खाका खींच दिया है। आगामी 6 अक्टूबर को इन सभी सीटों के लिए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में मतदान कराया जाएगा। इसके तुरंत बाद, डाले गए वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को पूरी की जाएगी और उसी दिन चुनाव के नतीजे भी सामने आ जाएंगे।
इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए 9 सितंबर को आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। जो उम्मीदवार मैदान में उतरना चाहते हैं, वे 16 सितंबर तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 17 सितंबर को सभी नामांकन पत्रों की बारीकी से छंटनी की जाएगी, और 19 सितंबर तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे।
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सुरक्षा व्यवस्था और आचार संहिता लागू
चूंकि चुनाव आयोग किसी भी तरह की कोताही नहीं बरतना चाहता, इसलिए जिन-जिन जिलों और क्षेत्रों में ये उपचुनाव होने हैं, वहां तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) तथा VVPAT की व्यवस्था पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित हो। इस पूरी चुनावी कवायद को 11 अक्टूबर से पहले हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा, ताकि संबंधित क्षेत्रों में जनता को जल्द ही उनका नया जनप्रतिनिधि मिल सके।




